Thursday, February 12, 2009

पासवर्ड के सितम

आप क्या पसंद करेंगे ?
खुश होना
संतुष्ट होना
ऐसे ही रहना
ऊपर में कोई नही

हुआ यूँ की मैंने अपने सभी ईमेल अकाउंट के पासवर्ड बदल दिए , एक साथनतीजा तुंरत ही निकल आयातीन घंटे बाद जब मैंने लोग इन की कोशिश की तो पता लगा कि मैं बहुत ही चतुराई से बनाये गए पासवर्ड भूल गया हूँमेरे दिल पर क्या बीती ये तो अलग ही बात हैभाईसाहब दिमाग लगा लगा के भी वो चतुराई से बनाये पासवर्ड याद आएएक दोस्त को फोन किया , बड़े ही इत्मिनान से बात सुनी और फ़िर बात ख़त्म होते ही उसने हँसी का अपना व्यक्तिगत सूखा ख़त्म कर डालाबड़ी ही खीज हुईये अकाउंट ज़रूरी था
गूगल हेल्प ने भी इतने डिटेल मांगे कि जो आते थे वो भी हम सरलता से भूल गएदो तीन बार कोशिश कि हेल्प फॉर्म भरने कि पर फ़िर छोड़ दिया। । फ़िर आचानक प्रकाश फ़ैल गया , दिव्या ज्योति नभ में जगमगाने लगीमुझे ज्ञान प्राप्त हुआ -कि क्यों मैं एक ईमेल के पीछे इतना चिंतित हो रहा हूँमुझे मेरा उत्तर मिल चुका थामैं संतुष्ट था
दो तीन दिन बाद -----
आराम से बैठा था देखा कि दीवाल पर किसी ने कुछ गोंजा गांजी कर रखी हैध्यान से गौर फ़रमाया तो पता लगा कि कुछ लिखा हैगन्दा लग रहा था क्योंकि पेंसिल से लिखा था इसलिए मैंने एक कपड़ा लिया और तुंरत ही लेटे लेटे ही पैर से साफ़ कर डाला
दो मिनट बाद ---------
ग्लानि की बिजलियाँ और भी जोरों से कड़क रही हैअफ़सोस की बारिश में संतुष्टि बह चुकी थीमैं अपना पासवर्ड कपडे से मिटा चुका था
अब लगता था कि अन्दर एक बोझ सा है
या
था
कुछ
दिन रहाआज अभी अनायास ही जाने कहा से पासवर्ड याद गयालगा हज़ार की नोट मिल गई हो
भावना- इसे सिर्फ़ , खुशी में आप नही समझ सकते..... ये तो पंचमेल हैखिचडी

मेरा सही जवाब -

५ ऊपर के चारों